एक शानदार उपहार है ’गर्भनाल’ पत्रिका

>> Wednesday, October 31, 2007

’गर्भनाल’ अप्रवासी भारतीयों की ई पत्रिका है जो कि हर महीने पीडीएफ के रूप में मुफ्त वितरित की जाती है। श्री आत्माराम शर्मा जी के संपादन में छप रही यह शानदार पत्रिका कई हिंदी प्रिंट पत्रिकाओं से भी बेहतर और खूबसूरत है। मुझे यह पत्रिका बहुत पसंद है और प्रति माह जब यह पत्रिका मुझे मिलती है तो मैं इसे अपने कई मित्रों को भी  भेजता हूं।

मुझे पूरा यकीन है कि मनोरंजन, साहित्य  और जानकारी से भरपूर यह पत्रिका आप सब को भी बहुत पसंद आयेगी।

हिंदी टूलबार पिटारा  के प्रयोगकर्ताओं के लिये अब यह पत्रिका हर महीने टूलबार में ही उपलब्ध रहेगी। आज प्रस्तुत है इस पत्रिका का नवंबर 2007  अंक। गर्भनाल पत्रिका से सभी अंक अब टूलबार में जोड़ दिये गये हैं। गर्भनाल पत्रिका के सभी अंक आप यहां भी पढ़ सकते हैं।



गर्भनाल पत्रिका से सभी अंक अब टूलबार में जोड़ दिये गये हैं। गर्भनाल पत्रिका के सभी अंक आप यहां भी पढ़ सकते हैं।

अब चिट्ठों में खोजें धड़ाधड़

>> Tuesday, October 30, 2007

क्या आपको यह खोजना है कि आपका चिट्ठा चिट्ठाजगत.इन पर है कि नहीं?

किसी और चिट्ठे को खोजना चाहते हैं?

हिंदीचिट्ठों की प्रविष्टियों में से कुछ खोजना चाहते हैं?

किसी चिट्ठाकार का नाम तो जानते हैं पर वो किस चिट्ठे पर लिखता है और उसका चिट्ठा किस नाम से है यह नहीं जानते?

किसी एक चिट्ठाकार के और भी कौन कौन से चिट्ठे हैं यह जानना चाहते हैं ?

यह सब जानकारी और और भी बहुत कुछ अब एक क्लिक पर धड़ाधड़ क्योंकि हमने अपने हिंदी टूलबार पिटारा में यह सब खोजने के लिये इसके सर्च इंजिन में ही यह सारे विकल्प जोड़ दिये हैं। बस इन सब में से जो कुछ भी आप जानना चाहते हैं उसे सर्च बॉक्स में टाईप करें और खोजें।

यहां आपको यह भी बता दें कि यदि आप कोई भी टैक्स्ट अपने माऊस से सेलेक्ट करते हैं तो वह अपने आप ही सर्च बॉक्स में पहुंच जायेगा।

अब तो आप ’ढूंढते रह जाओगे’ !
chitthajagat.jpg

इसे भी पढ़ें:

धड़ाधड़ महाराज’ तक पहुंचें धड़ाधड़

काम के हिंदी फीड

>> Friday, October 26, 2007

हमने हिंदी टूलबार पिटारा में कुछ बहुत ही काम के हिंदी फीड जोड़े हैं।

आइये आपको इनके बारे में बता दें।

इस टूलबार में चिट्ठाजगत और नारद के ताजे जीवंत फीड तो पहले से ही मिल रहे थे अब आपको इनके साथ साथ निम्न फीड भी मिलेंगे


  • चिट्ठाजगत की रोमन फीड : चिट्ठाजगत पर आने वाली हिंदी चिट्ठों की रोमन फीड

  • IndianPad Hindi इंडियन पैड हिंदी : इंडियन पैड तेजी से भारत का अपना डिग्ग बनता जा रहा है। यहां पर भारतीय समाचार तथा ब्लॉग प्रविष्टियां समाहित की जातीं हैं और यदि आपकी कोई प्रविष्टी यहां पापुलर पेज पर आ गयी तो समझिये कि आपके चिट्ठे पर पाठकों का तांता लग जायेगा। हमने इंडियन पैड पर आने वाली पापुलर हिंदी प्रविष्टियों की फीड को भी टूलबार में जोड़ दिया है।

  • देसीपंडित हिंदी : देसी पंडित पर कई भारतीय भाषाओं के चिट्ठों से चुन चुन कर अच्छे अच्छे पोस्ट दिये जाते हैं। यहां आने वाले हिंदी पोस्ट का फीड भी अब टूलबार में जोड दिया गया है।

  • del.icio.us पर हिंदी : यह है del.icio.us पर पापुलर पोस्टों में से चुने हुए वह पोस्ट जो कि हिंदी के साथ टैग किये गये हैं।         

  • गूगल समूह चिट्ठाकार: इस समूह पर आने वाले संदेश अब आप इस फीड में पढ़ सकते हैं। इसके बारे में विस्तार से यहां पढ़ें।

  • परिचर्चा : परिचर्चा फोरम पर आने वाले सभी नये पोस्ट। परिचर्चा एक फोरम है इंटरनेट पर हिंदी प्रयोग करने वालों के लिये। आप यदि इस फोरम के सदस्य नहीं हैं तो आज ही इसके सदस्य बनें। इस फोरम के बारे में जानना चाहते हैं तो इस फोरम पर जा कर ही जानें। (नोट: परिचर्चा की फीड फिलहाल IE7 में अपडेट नहीं हो रही है इसे शीघ्र ही सुधार लिया जायेगा)


तो यह सब अब आपके प्रिय हिंदी टूलबार पिटारा में जुड़ गया है तथा इस सब को आप जीवंत फीड के द्वारा पढ़ सकते हैं।
आपके सुझावों हमारे लिये बहुत उपयोगी हैं, आप अपने इस टूलबार में और क्या क्या जुड़वाना चाहते हैं हमें सुझाव अवश्य दें।

शब्दों के अर्थ खोजना हुआ आसान

>> Friday, October 19, 2007

शब्दार्थ खोजिये


जिन्हें भाषाओं से प्यार होता है उन्हें शब्दों से भी प्यार होता है। कोई कोई लेखक तो शब्दों के ही खिलाड़ी होते हैं। शब्दों के ऐसे सुन्दर सुन्दर और कलात्मक प्रयोग हुए हैं कि पूछिये मत। वास्तव में अच्छा लेखक ही वही है जो अपनी बात को प्रभावी और आसान शब्दों में अपने पाठकों तक पहुंचा दे।

मगर साहब कभी कभी कोई शब्द दिमाग में ऐसे अटकते हैं कि उनके अर्थ बता पाना कठिन हो जाता है। शब्द के भाव मन में होते हैं पर उसके अर्थ के लिये सही सही समानार्थ शब्द क्या होगा यह नहीं सूझता। कभी कभी आपको भी अपनी बात लिखते लिखते ऐसा लगता होगा कि जो  बात मैं लिखना चाहता हूं उसके लिये सही सही शब्द पकड़ में नहीं आ रहा। या कभी किसी अंग्रेजी शब्द का हिंदी अर्थ खोजना होता होगा तो कभी  हिंदी शब्द का अंग्रेजी अर्थ। हमने आपकी इस मुश्किल को आसान बनाया है शब्दकोश डॉट कॉम के साथ। इस शब्दकोश को हमने हिंदी टूलबार पिटारा में जोड़ दिया है। यदि आप इंटरनेट पर सर्च करते करते कोई ऐसा शब्द (अंग्रेजी अथवा हिंदी का) देखते हैं जिसका सही सही भावार्थ आपको  समझ नहीं आ रहा तो बस उस शब्द को अपने माउस से सैलेक्ट कर लीजिये। शब्द अपने आप टूलबार के सर्च बॉक्स में नजर आने लगेगा। अब बस सर्च बॉक्स में हमने जो शब्दकोश का ओप्शन दिया है उसे चुन कर सर्च करने के तीर पर चटका दे दीजिये। आपको शब्द का अर्थ और समानार्थक शब्द मिल जायेंगे।


तो अब शब्दों को चुन चुन कर उनसे सजाइये अपनी भाषा और आपको हमारा यह प्रयास कैसा लगा हमें अवश्य बताइये।

प्रस्तुत है हिंदी टूलबार पिटारा का अंग्रेजी संस्करण

>> Monday, October 15, 2007

यह संयोग की ही बात है कि जिस समय हिंदी चिट्ठों के एग्रिगेटर चिट्ठों का रोमनीकरण कर रहे थे उसी समय हम आपके प्रिय हिंदी टूलबार पिटारा का अखिल भारतीय अंग्रेजी संस्करण बना रहे थे। एक ऐसा टूलबार जिसे भारत के सभी लोग प्रयोग कर सकें और उन्हें अपनी ही मातृभाषा में इंटरनेट पर उपस्थित जालपृष्ट और चिट्ठे मिल सकें।

इससे वे लोग अपनी ही नहीं दूसरी भारतीय भाषाओं में इंटरनेट पर क्या हो रहा है उसके बारे में भी जान पायेंगे। हमारे भोमियो लिप्यांतर (Bhomiyo Transliteration) बटन का उपयोग इस टूलबार के लिये बहुत ही महत्वपूर्ण होगा। इस टूलबार में देसी पंडित जो कि सभी भारतीय भाषाओं के चिट्ठों का एक साथ प्रतिनिधित्व करता है, को महत्व दिया गया है। 

इसमें अभी बहुत से भारतीय भाषाओं के चिट्ठा एग्रीगेटरों और अन्य पोर्टलों के लिंक जुड़ने बाकी हैं जो कि एक लंबी प्रक्रिया है और लगातार चलती रहेगी। आपसे अनुरोध है कि हिंदी के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं के एग्रीगेटरों के जाल पते यदि आप जानते हैं तो हमें सुझायें।


मित्रो प्रस्तुत है आपके लिये वी इंडियन्स टूलबार We Indians Toolbar. 

इसे डाउनलोड करें, अपनी प्रतिक्रिया बतायें, सुझाव दें और अपने मित्रों को भी इस टूलबार के बारे में बतायें।

हिंदी टूलबार पिटारा में क्या है नया

>> Friday, October 12, 2007

हिंदी टूलबार पिटारा में हमने कुछ बदलाव किये हैं उनके बारे में आपको बता दे।


टूलबार के कुछ मुख्य बटनों को मुख्य टूलबार से हटा कर ड्रॉपडाउन मीनू में लगा दिया गया है। इससे टूलबार का आकार छोटा हो गया है जिससे कि टूलबार आपके स्क्रीन पर पूरा दिखने लगेगा। हो सकता है कि कुछ स्क्रीन्स पर अभी भी टूलबार पूरा न दिखे इसके लिये हम अगली कुछ पोस्टों में विस्तार से लिखेंगे।


एग्रीगेटर बटन का नाम बदल कर चिट्ठे कर दिया गया है तथा आपके चिट्ठों की सूची को इसी मीनू में लगा दिया गया है।


टूल नाम से नया ड्रॉपडाउन मीनू बनाया गया है जिसमें गूगल का इंडिक ट्रांसलिट्रेशन विजेट, गूगल हिंदी खोज विजेट, पेज बुकमार्क बटन तथा भोमियो लिप्यांतर बटन लगाये गये हैं।


 


गेम्स के बटन को मंनोरंजन के मीनू में लगा दिया गया है।


इसके अलाव हाल ही में किये गये बदलावों में हैं


रेडियो का नया डिजाइन -    आपने हमारा नया रेडियो देखा?


रेडियो सलाम नमस्ते और बॉम्बे बीट्स चैनल जुड़े - रेडियो सलाम नमस्ते


एक क्लिक से लिप्यांतर-  न कोई कोड चाहिये न स्क्रिप्ट, टूलबार पर क्लिक करें और लिपि बदल जायेगी


न कोई कोड चाहिये न स्क्रिप्ट, टूलबार पर क्लिक करें और लिपि बदल जायेगी

>> Thursday, October 11, 2007

क्या आप पंजाबी, गुजराती, उर्दू, तेलुगू, उड़िया, तमिल, मलयालम या कन्नड़ समझते हैं पर पढ़ नहीं सकते?क्या आप इन भाषाओं के चिट्ठे पढ़ना चाहते हैं पर क्या करें चिट्ठाकार के भोमियो कोड ही नहीं लगा रखा?

आप अपने चिट्ठे को दूसरी लिपियों में पाठकों को पढ़वाना चाहते हैं पर जानते नहीं कि भोमियो कोड कैसे बनायें या लगायें?

क्या आप देखना और पढ़ना चाहते हैं कि उर्दू या अन्य भाषाओं के चिट्ठों, समाचार पोर्टल्स और साईट्स पर क्या क्या क्या लिखा जा रहा है?

यह सब तथा और भी बहुत कुछ अब संभव होगा हिंदी टूलबार पिटारा पर लगे भोमियो के लिप्यांतर बटन से, जिससे आप किसी भी साईट की लिपि बदल कर पढ़ सकेंगे। टूलबार के टूल मिनू में ’लिपि बदल कर पढ़ें’ ऑप्शन पर क्लिक करके आप जिस पृष्ठ पर होंगे उसी पृष्ठ की लिपि बदल सकेंगे, बस एक क्लिक से। इस तरीके से आप अपने चिट्ठे के लिये भी भोमियो कोड बना सकते हैं।

अपने चिट्ठे पर जायें और टूलबार पर लिप्यांतर के सभी ऑप्शन्स पर क्लिक करें। ब्राउजर में जो भी URL खुलेगा, वह उस लिपि के लिये आपके चिट्ठे का लिंक होगा।

तो है ना यह सब बहुत आसान?

टूलबार के मिनू में भी कई परिवर्तन किये गये हैं उसके बारे में अगले पोस्ट में।

लिप्यांतर के क्या क्या फायदे हैं उनके बारे में यहां भी पढ़ें

किसी भी साईट का लिप्यांतर होगा एक क्लिक से

आप को पाठक और डॉलर दोनो मिल सकते हैं इससे

ट्रांसलिट्रेशन का प्रतिच्छेदन....

गुयाना में हिन्दी है पर देवनागरी गुम

रेडियो सलाम नमस्ते

>> Wednesday, October 10, 2007


डैलास का रेडियो सलाम नमस्ते 104.9 एफ एम (Radio Salaam Namaste 104.9 FM)  इंटरनेट पर रेडियो सुनने वालों की खास पसंद बन चुका है। एक खास अनुरोध पर हमने इस रेडियो स्टेशन को हिंदी टूलबार पिटारा में जोड़ दिया है।


आप भी इस रेडियो को सुनें और अपनी राय बतायें।


यदि आप भी कोई रेडियो चैनल अपने इस टूलबार में जुड़वाना चाहते हैं तो हमें अवश्य बतायें।


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